भगवान ने मनुष्य को दिव्य शक्तियों की बहुमूल्य सम्पदायें सौंपी है। यह गरिमा मानव-व्यक्तित्व में जन्मजात सन्निहित…
भगवान ने मनुष्य को दिव्य शक्तियों की बहुमूल्य सम्पदायें सौंपी है। यह गरिमा मानव-व्यक्तित्व में जन्मजात सन्निहित…
Summary ( अखंड ज्योति पत्रिका, मार्च 1965 पृष्ठ 10 ) Akhand Jyoti Swadhyay
Summary ( अखंड ज्योति पत्रिका, नवंबर 1944 ) Akhand Jyoti Swadhyay
एका जिज्ञासू व्यक्तीने ज्ञानी पुरुषाला प्रश्न विचारला जीवनाला अलंकृत करणारे देवता कोणत्या आहेत ? उत्तर मिळाले –…
एक शिपाई सुट्टीवर घरी जायला निघाला. पत्नी व पोरांसाठी त्याने आपल्या ऐपतीनुसार काही वस्तू खरेदी करून सोबत…
जो ये चाहते हैं कि कोई हमारी सहायता करे, हमें जीवन-पथ पर – चलने की दिशा दिखाए;…
Summary ( अखंड ज्योति पत्रिका, फरवरी 1965 पृष्ठ 22 ) Akhand Jyoti Swadhyay
Summary ( अखंड ज्योति पत्रिका, फरवरी 1942 पृष्ठ 13 ) Akhand Jyoti Swadhyay
કલકત્તામાં એકવાર ભયંકર દુકાળ પડ્યો હતો. મનુષ્યોની સાથે સાથે પશુ પક્ષીઓ પણ મરી રહ્યાં હતાં. કલકત્તામાં રહેતા…
एक स्त्री आपल्या माहेरी जाऊन नुकतीच परत आली होती. ती आपल्या पतीला सांगू लागली “माझा भाऊ तर…