अर्जुन ने एक बार बाँसुरी से पूछा- “सुभगे! तुम्हें कृष्ण स्वयं हर समय ओठों से लगाए रहते…
अर्जुन ने एक बार बाँसुरी से पूछा- “सुभगे! तुम्हें कृष्ण स्वयं हर समय ओठों से लगाए रहते…
इंद्रियाँ आत्मा के औजार हैं, सेवक हैं, परमात्मा ने इन्हें इसलिए प्रदान किया है कि इनकी सहायता से आत्मा की आवश्यकताएँ पूरी हों और सुख मिले। सभी इंद्रियाँ बड़ी उपयोगी हैं। सभी का कार्य जीव को उत्कर्ष और आनंद प्राप्त कराना है। यदि उनका सदुपयोग किया जाए तो मनुष्य निरंतर जीवन का मधुर रस चखता हुआ जन्म को सफल बना सकता है।
In order to begin a meaningful life, it is essential to decide on a goal. In this…
Saying ‘Thanks’ has become a habit for us. But gratitude, thankfulness, and being indebted are beautiful words…
ग्रीष्म ऋतु के दुष्प्रभाव से बचने के प्राकृतिक उपाय
जागृत जिज्ञासा एवं सतत स्वाध्याय व्यक्तित्व-विकास के अमोघ उपाय _”शीघ्र मृत्यु से बचना है तो मानसिक व्यायाम…
An old, tall and strong tree was cut near its roots and was lying on the ground.…
(Translation of the original discourse in Hindi given on the last day of an anushthan camp at…
મધમાખીઓ મધના રૂપમાં અમૃત તૈયાર કરનારા એક અદ્ભુત જીવ છે. મધ આપણા સ્વાથ્ય માટે વરદાનરૂપ છે. મધમાં જીવનને ટકાવી રાખનારાં અનેક તત્ત્વો હોય છે. મધ પેદા કરવા ઉપરાંત મધમાખીઓમાં બીજી અનેક વિશેષતાઓ હોય છે, જે તેને એક વિશિષ્ટ જીવ બનાવે છે. તે પર્યાવરણના સંતુલનમાં વિશેષ ભૂમિકા નિભાવે છે.
आज यज्ञ की बेला, साधक करो हृदय पावन । किरणों के द्वारा सूरज का सन्देश आया। विहँगावलि…